Search results for: परियोजनाओं

‘सेज’ की सैज पर बिछे कांटे

‘सेज’ की सैज पर बिछे कांटे

केन्द्र सरकार द्वारा ‘सेज’ यानी स्पेशल इकोनोमिक जोन को सैद्धांतिक मंजूरी दिए जाने के बावजूद हिमाचल में एक हजार एकड जमीन का बन्दोबस्त न हो पाने के कारण सेज की की सैज पर कांटे बिछ गए हैं | सेज के तहत दस हजार करोड की बडी परियोजनाओं के निर्माण के लिए अधिकृत कम्पनी जानकारी के [...]

राजनीतिक अखाडे में हिमाचली मुद्दे और ख्वाबी पुलाव

राजनीतिक अखाडे में हिमाचली मुद्दे और ख्वाबी पुलाव

विकास के नाम पर स्कूल कालेज की बौछारें, बेतरतीब सड्के और अनावश्यक निर्माण क्या हिमाचल का भविष्य संवार पाएगा? ये कुछ ऐसे सवाल है जिनका जवाब देना आवश्यक है | स्कूल, कालेज बने है तो पर अध्यापक नही, अध्यापक है तो छात्र नही और परिक्षा परिणामों की तो बात बात ही मत पूछिए दशकों के [...]

हिमाचली के ग्रामीण क्षेत्रो में गंदा पानी पीना मजबूरी

हिमाचली के ग्रामीण क्षेत्रो में गंदा पानी पीना मजबूरी

हिमाचल के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में गंदा पानी पीना लोगों की मजबूरी बन गया है | गर्मी की मार झेल रहे अधिकतर जिलों के ग्रामीण इन दिनों दूषित पानी पीने को मजबूर है | रेणुका जी क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने माई हिमाचल को दिए लिखित बयान में पेय जल की कई योजनाओं में ठेकेदारों [...]

Himachal: पालमपुर में मजदूरों की कब्रगाह क्यों ?

Himachal: पालमपुर में मजदूरों की कब्रगाह क्यों ?

मौत के आवरण में लिपटे विकास को कौन स्वीकार करेगा | विकास को परिभाषित करते इरादे खूंखार हो जाएं, तो नींव के पत्थर हमेशा खून से सने रहेंगे | पालमपुर की विद्युत परियोजना में दफन मजदूरों के शव याद दिलाते हैं कि पहाड को कब्रगाह बनाने की प्रतिस्पर्धा अति निर्लज्ज व खतरनाक मानी जाएगी |जाहिर [...]

डाँ. यशवंत सिहं परमार के कुल पुरोहित, सेवा निवृत अध्यापक व समाज सेवी पंडित श्री हेम शर्मा जी से बातचीत| (हिन्दी अनुवाद)

डाँ. यशवंत सिहं परमार के कुल पुरोहित, सेवा निवृत  अध्यापक व समाज सेवी पंडित श्री हेम शर्मा जी से बातचीत| (हिन्दी अनुवाद)

1. आप डाँ. यशवंत सिहं परमार के कुल पुरोहित रहे है काफी समय उनके साथ बिताया है आपका क्या अनुभव रहा?

मेरे पिता एक परिवार के सदस्य की तरह समझे जाते थे वे उनके विश्वसनीय ज्योतिषी और मै विश्वसनीस पंडीत था और अब भी हूँ| आज भी उनके एक परिवार के सदस्य की तरह सम्मान मिलता [...]

दूसरों की प्यास बुझाने वाला खुद प्यासा क्यों? “विश्व जल दिवस”

दूसरों की प्यास बुझाने वाला खुद प्यासा क्यों? “विश्व जल दिवस”

योजनाओं के प्रदेश में जल आपूर्ति परियोजनाओं की भले ही कमी ना हो परन्तु यह भी कटु सत्य है कि प्रदेश में आज भी पानी की कमी है| एक तरफ जहां तकरीबन 36 ह्जार लीटर पानी मिनरल वाटर ऊद्योग के जरिये निर्यात किया जा रहा है वहीं प्रदेश में दस करोड लीटर पानी की प्रतिदिन [...]

ग्लोबल वार्मिंग: सूखने लगी हिमाचल की नदीयां

ग्लोबल वार्मिंग: सूखने लगी हिमाचल की नदीयां

बारिश व बर्फबारी न होने से किसान परेशान” प्रदेश की धडकन माने जाने वाली प्रदेश की मुख्य नदीयां इन दिनों सिकुडने लगी है विज्ञानीयों की मानें तो इसे ग्लोबलवार्मिग का परीणाम कहा जा सकता है मोसम के बिगडते मिजाज से ग्लेशियर सकुडने लगे है प्रदेश में कम बर्फबारी व कम बारीश के कारण [...]

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