हिमाचल प्रदेश से चोरी हुए अति महतवपूर्ण एवं दुर्लभ जार्ज क्रॉस के लन्दन में होने और उसकी दो दिसम्बर को होने वाली कथित नीलामी की खबर से प्रशासन में हडकंप मच गया है. यह विशेष मेडल बिलासपुर जिला के किरपा राम को 1947 में मरणोपरांत मिला था जो करीब सात साल पहले चोरी हो गया था.
पुलिस ने बाद में फाईल बंद कर दी थी लेकिन अब अचानक पता चला है की यह मेडल लन्दन में है और दो दिसम्बर को इसकी नीलामी होने जा रही है. लिहाज़ा अब प्रशासन के हाथ-पाँव फूले हुए हैं. बिलासपुर जिले के भरपाल गाँव के किरपा राम 13 वीं फ्रंटियर फ़ोर्स राईफल मैं सिपाही थे और दूसरे विशव युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी पल्टन पर फैंके हथगोले को खुद पकड़ कर पूरी पल्टन की ज1न बचाई थी. हालाँकि किरपा राम खुद इस में मारे गए थे. उनकी इस बहादुरी पर बर्तानवी हुकूमत ने उन्हें जार्ज क्रॉस से नवाजा था जिसे 1947 में उनकी विधवा ब्रह्मी देवी को दिल्ली में पूरे सम्मान के साथ सौंपा गया था. यह प्रशस्ति पत्र भी मेडल के साथ ही मिला था. लेकिन २००२ में यह बहुमूल्य पदक दूसरे सात पदकों के साथ चोरी हो गया. पुलिस में रपट हुयी पर कोई पता नहीं चला.
किरपा राम की पत्नी ब्राह्मी देवी के अनुसार कुल मिलाकर सात मेडल थे जो अंग्रेजों ने दिए थे. एक दिन चोरी हो गए और बाद में पुलिस नहीं ढूंढ पाई. तब दस हज़ार का इनाम भी मिला था…हमें नहीं पता अब इसकी कीमत क्या है. बिलासपुर पुलिस के मुताबिक वोह ट्रंक तो मिल गया था जिसमें सामन था पर सामन नहीं मिला और बाद में फाईल बंद कर दी गयी. लेकिन दो रोज पहले आई एक ई मेल से पता चला की यह लन्दन में है जहाँ नेट पर दो दिसम्बर को इसकी नीलामी होने जा रही है.
इस सूचना के बाद इस मामले पर हडकंप मचा हुआ है. किरपा राम के परिजन इसे वापिस लेन की मांग कर रहे हैं. उधर पुलिस के आला अधिकारीयों ने इस पर सी आई दी जांच बिठा दी है और केंद्र से भी इस मामले मैं उचित कारवाई का आग्रह किया गया है ताकि इस मेडल को वापिस लाया जा सके.
किरपा राम के रिश्ते दार सुरेंदुर ठाकुर ने मांग की है की सर्कार इस नीलामी को न सिर्फ रूकवाए बल्कि मेडल को भी वापिस लाया जाये. उधर आई जी कानून व्यवस्था पर्दीप सरपाल के मुताबिक मामला सी आई डी को सौंपा गया है और केंद्र सर्कार को भी लिखा जा रहा है की इस मामले में दखल दिया जाये.
उधर इस सारे मामले पर छपी ख़बरों का संज्ञान लेते हुए राज्य हाई कोर्ट ने सर्कार को तलब किया है. कार्यकारी मुख्या न्यायधीश आर बी मिश्र और नयायमूर्ति राजीव शर्मा की एक खंडपीठ ने इस बाबत सरकार से जबाब तलब किया है.
मेडल की नीलामी की कथित तारीख ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में जहाँ इस मामले को लेकर हिमाचल प्रशासन के हाथ-पाँव फूले हुए हैं. वहीं इस सरे मामले ने यह सवाल भी उठा दिए हैं की आखिर यह मेडल लन्दन कैसे पहुंचा और क्या वोह चोरी सुनियोजित थी






















ऐसी और कई चीजें होंगी जो हिंदुस्तान से बाहर जा चुकी है . और इनको बाहर पहुँचाने में अपनों का ही हाथ हो सकता है . हमारी पुलिस अपने ही घर की गुम हुई चिचों को ढूंड नहीं पति तो बाहर गयी चिचों को तो बेचारी क्या ढूंढेगी . बाकि रही बात सरकार में बैठे लोगो कि तो वह स्वयं ही नहीं जानते कि वह क्या कर रहे हैं . बैचारा किरपा राम ………………….
from Netherlands
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