हिमाचल मित्र द्वारा पहाडी दिवस का आयोजन
नवम्बर की पहली शाम को मुंबई का आकाश पहाडी सुरों से गूँज उठा | साथ थी बांसुरी पर पहाडी धुन |
सबसे बड़ा आकर्षण था बच्चों के गाये लोकगीत और कविताएँ |
हिमाचल मित्र पत्रिका ने एक नवम्बर को मुंबई के चेंबूर इलाके में हिमाचल भवन में पहाडी दिवस का आयोजन किया |
हिमाचल समाज के समक्ष हिमाचली बच्चों ने लोकगीत गाये और पहाडी कवितायेँ सुनायी | पेशे से टैक्सी ड्राईवर कुलदीप ने बांसुरी पर पहाडी धुन बजा कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया |
नयी पीढी को अपनी संस्कृति के जरिये अपनी पहचान बनाने की कोशिश के तेहत आयोजित किये गए इस कार्यक्रम में स्मिता, सोनल और अरुधंति ने लोक गीत पेश किये और मिंकल, आकाश तथा नितिन ने पहाडी कवितायेँ सुनाईं |
इसके अलावा मनोज राणा, नरेन्द्र लोहिया, संगीता शर्मा और सोनी जैसे मँझे हुए कलाकारों ने लोक संगीत प्रस्तुत किया |
एक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध सिने और टीवी अभिनेता विजय कश्यप ने अपने बचपन में सुने लोकगीतों को याद किया और हिमाचल मित्र पत्रिका की भूमिका का महत्व समझाया | राष्ट्रपति पुरस्कार से समानित डॉक्युमेंटरी निर्माता विवेक मोहन ने कहा की हरेक हिमाचली को अपने प्रदेश का ब्रांड एम्बेसडर बनना चाहिए |
पत्रिका के सरंक्षक ओंकार सिंह चम्ब्याल और अमर सिंह चौहान ने बच्चों को पुरस्कृत किया और पत्रिका से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान किया |
इस अवसर पर हिंदी पहाडी पत्रिकाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गयी और पत्रिकाएं निशुल्क वितरित की गयीं |

हिमाचल मित्र

























Being a Himachali the land of goodess. Bharmour is my birth place known for
famous chaurasi temple and main manimahesh and dhram Raj Temple is located in bharmour. formly called Brampur.