प्रधानमन्त्री का शिमला दौरा रद्द होने के बाद निराश हिमाचल को आखिर केन्द्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम कुछ देखर मरहम लगाने का प्रयास कर गए |
”वे हिमाचल प्रदेश में आई आई टी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने और भानुपुर नंगल बिलासपुर को समयबद्ध परियोजना में शामिल किए जाने की घोषणा कर गए |”
अब यह समय ही बताएगा कि घोषणाएं निरर्थक नही होंगी ! वैसे चुनावी वर्ष में इन घोषणाओं को शक की नजर से देखा जाना स्वाभाविक भी है परन्तु यदि यह घोषणाएं वास्तविकता की शक्ल इख्तियाए करती है तो यह हिमाचल की जीत मानी जाएगी |अभी हिमाचल को केन्द्र से आर्थिक पैकेज की उम्मीद भी है |
हालांकि हिमाचल हमेशा से केन्द्र से मिलने वाली योजनाओं एंव रेल बजट में उपेक्षा का शिकार ही रहा है परन्तु यदि यह घोषणाए वास्तविकता की शक्ल लेती है तो निश्चित तौर पर हिमाचल के साथ साथ प्रदेश के मुख्यमंन्त्री के लिए भी यह चुनावी वर्ष में एक बडी उपल्ब्धि मानी जाएगी | हिमाचल के अधिकारों के मामले में हिमाचल को आजतक इन्साफ नही मिल पाया है |
पर्यटन की दृष्टी से हिमाचल को केन्द्र से कोई सौगात नही मिली है पर्यटन के विकास, प्रचार और प्रसार पर खर्च की गई करोडों रुपए की राशी से हिमाचल को दरकिनार किया जाता रहा है | अब यदि यह योजनाएं सार्थक हुई तो हिमाचल भूतकाल में की गई नाइन्साफी को भुलाने का प्रयास जरुर करेगा |





















